भगवान श्री देवनारायण की गाथा एवं देव धाम

 इस पुस्तक मे भगवान श्री देवनारायण की गाथा और बगड़ावत लोक गाथा का अध्ययन किया गया है। यह गाथा नवीं-दसवीं शताब्दी के तात्कालिक समय को दर्शाती है। गुर्जर संस्कृति और भगवान श्री देवनारायण की विभिन्न लीला तथा उनके जीवन का चित्रण सरल हिन्दी भाषा में किया गया है। श्री देवनारायण और बगड़ावतो के ऐतिहासिक स्थानों, मंदिरों के बारे में विस्तृत जानकारी समाहित की गई है। बगड़ावत लोकगाथा को विभिन्न आयामों से व्याख्यायित करने का कार्य किया है। उनकी जीवन गाथा को प्रस्ततु किया गया है। यह श्री देवनारायण के जीवन-चरित्र, मूल्य और पावन कृतियों का एक अशं है। प्रमाणिकता के साथ विभिन्न तथ्यों को प्रस्तुत किया गया है। 

 इस पुस्तक का मूल्य 370 डाक खर्च सहित है। 

मंगाने के लिए आर्डर करे....

नाम 

पता 

मोबाइल नम्बर 

पिनकोड



किसानों के मसीहा: विजय सिंह पथिक

  डाॅ.अरुणा गुर्जर  व्याख्याता, भीलवाड़ा यश वैभव सुख की चाह नहीं, परवाह नहीं, जीवन न रहें, यदि इच्छा है, तो यह है जग में स्वेच्छाचार दमन ना ...